श्री नेंना देवी मंदिर

श्री नेंना देवी मंदिर

नेनीताल में, नैनी झील के उत्त्तरी किनारे पर नैना देवी मंदिर स्थित है। 1880 में भूस्ख लन से यह मंदिर नष्टं हो गया था। बाद में इसे दुबारा बनाया गया। यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं। नैनी झील के बारें में माना जाता है कि जब शिव सती की मृत देह को लेकर कैलाश पर्वत जा रहे थे, तब जहां-जहां उनके शरीर के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठों की स्थाीपना हुई। नैनी झील के स्थामन पर देवी सती के नेत्र गिरे थे। इसीसे प्रेरित होकर इस मंदिर की स्थाापना की गई है।

कैसे पहुंचे
नैना देवी जी मंदिर भारत में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है| यह प्रसिद्ध मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग न० २१ पर स्थित है यहाँ से नजदीकी हवाई अड्डा चंडीगढ़ है जो नई दिल्ली के साथ जेट एयरवेज और इंडियन एयरलाइंस के टिकट से जुड़ा हुआ है| चंडीगढ़ से मंदिर की दूरी लगभग १००कि०मी० है| आनंदपुर साहिब और कीरतपुर साहिब से इस स्थान के लिए टैक्सियाँ किराये पर मिल जाती हैं| कीरतपुर साहिब से तीर्थ की दूरी ३० किमी है, जिनमें से १८ किमी पहाड़ी रास्ता है|आनंदपुर साहिब से दूरी २० किलोमीटर है जिसमे ८ किलोमीटर पहाड़ी रास्ता है| पुराने दिनों में लोग आनंदपुर साहिब के पास कॉलन वाला टोबा से मंदिर को जाने के लिए ट्रैक का इस्तेमाल करते थे| श्री नयना देवी जी के लिए पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से बस सेवा उपलब्ध है|

आरती समय
मंगला आरती
04:30 से 05:00
श्रृंगार आरती
06:00
दोपहर आरती
12:00
शाम आरती
06:00